शिक्षक और छात्रः पारस्परिक सहभागिता, संवाद और शिक्षण-प्रक्रिया में उनकी भूमिका का अध्ययन

Authors

  • गायत्री देवी, प्रो. स्वाति सक्सेना

Abstract

प्रस्तुत शोध पत्र में शिक्षक और छात्र के पारस्परिक योगदान एवं शिक्षण प्रक्रिया में उनकी भूमिका का अध्ययन किया गया है। इसमें शिक्षक को ज्ञान, मार्गदर्शन, अनुशासन का प्रेरणा स्रोत बताया गया है। छात्र को सक्रिय सीखने वाला शिक्षार्थी, जिज्ञासु और सहयोगी के रूप में देखा गया है। शिक्षण प्रक्रिया में दोनों की सहभागिता अनिवार्य होती है, तभी शिक्षण प्रक्रिया प्रभावी और उपयोगी बनती है। कोई भी शिक्षक केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होते अपितु उन्हें स्पष्ट और स्वतंत्र वक्ताहोने के साथ ही छात्रों के व्यक्तित्व और सामाजिक मूल्यों के निर्माण में भी योगदान देते हैं। दूसरी ओर छात्रों के भूमिका केवल सुनने तक सीमित नहीं है, अपितु उन्हें स्व अध्ययन और अनुसंधान के द्वारा ज्ञान को आत्मसात करना आवश्यक है। छात्रों को निष्क्रिय होकर नहीं बल्कि सक्रियता के साथ शिक्षकों के शिक्षण कार्य में योगदान देना होता है। शिक्षक छात्र का आदर्श होने के साथ-साथ उनके मित्र व पथ प्रदर्शक होते हैं, जिनका छात्रों द्वारा अनुसरण किया जाता है। अतः शिक्षकों को समय के साथ-साथ स्वयं का परिमार्जन व अद्यतन करते रहना चाहिए। शिक्षक और छात्र जब सक्रिय होकर अपनी भूमिका का वहन करते हैं तभी शिक्षण प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती है, क्योंकि यह दोनों ही शिक्षण प्रक्रिया के महत्वपूर्ण स्तंभ है। इस शोध पत्र में शिक्षण प्रक्रिया को सफल बनाने में शिक्षक और छात्र दोनों के सफल भागीदारी को स्पष्ट किया गया है।
मुख्य शब्ददृ शिक्षक, छात्र, शिक्षण प्रक्रिया, सहभागिता, संवाद।

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Published

31-12-2025

How to Cite

गायत्री देवी, प्रो. स्वाति सक्सेना. (2025). शिक्षक और छात्रः पारस्परिक सहभागिता, संवाद और शिक्षण-प्रक्रिया में उनकी भूमिका का अध्ययन. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 4(12), 38–44. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/1015

Issue

Section

Research Paper