शिक्षा में नवाचार और उसका प्रभाव
Abstract
वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में शिक्षा प्रणाली में नवाचार एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, डिजिटल शिक्षण मंच, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अनुभवात्मक अधिगम तथा बहुविषयक दृष्टिकोण ने शिक्षण-अधिगम की पारंपरिक संरचना को व्यापक रूप से परिवर्तित किया है। शिक्षा में नवाचार का उद्देश्य केवल ज्ञान का संप्रेषण नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान क्षमता तथा जीवनोपयोगी कौशलों का विकास करना है। नवाचारी शिक्षण विधियों से शिक्षा अधिक समावेशी, लचीली और छात्र-केन्द्रित बनी है, जिससे शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। साथ ही, नवाचार ने शिक्षक की भूमिका को मार्गदर्शक और सहायक के रूप में पुनर्परिभाषित किया है। यद्यपि डिजिटल विभाजन, संसाधनों की कमी और प्रशिक्षण की चुनौतियाँ विद्यमान हैं, तथापि शिक्षा में नवाचार दीर्घकाल में सामाजिक-आर्थिक विकास, मानव संसाधन सशक्तिकरण तथा ज्ञान आधारित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्य शब्द- शिक्षा में नवाचार, डिजिटल शिक्षण, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, छात्र-केन्द्रित शिक्षा, कौशल विकास, समावेशी शिक्षा, शैक्षिक प्रौद्योगिकी, गुणवत्ता सुधार
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