नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य का संबंध

Authors

  • डॉ0 राकेश कुमार तिवारी

Abstract

शारीरिक गतिविधि मानव जीवन की गुणवत्ता एवं दीर्घायु का एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्धारक कारक है। आधुनिक युग में तकनीकी प्रगति, शहरीकरण और बदलती जीवनशैली के कारण शारीरिक निष्क्रियता में निरंतर वृद्धि हुई है, जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव मानव स्वास्थ्य एवं जीवन प्रत्याशा पर पड़ रहा है। यह शोध-पत्र शारीरिक गतिविधि और जीवन प्रत्याशा के मध्य संबंध का विश्लेषण प्रस्तुत करता है तथा यह स्पष्ट करने का प्रयास करता है कि नियमित एवं संतुलित शारीरिक गतिविधि किस प्रकार व्यक्ति की औसत आयु बढ़ाने, रोगों की संभावना को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में सहायक सिद्ध होती है। अध्ययन में प्राथमिक एवं द्वितीयक स्रोतों से प्राप्त आँकड़ों का उपयोग किया गया है। प्राथमिक आँकड़े प्रश्नावली एवं सर्वेक्षण विधि द्वारा संकलित किए गए, जबकि द्वितीयक आँकड़े विश्व स्वास्थ्य संगठन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण, तथा विभिन्न शोध पत्रों एवं पुस्तकों से प्राप्त किए गए। सांख्यिकीय विश्लेषण के माध्यम से यह पाया गया कि नियमित शारीरिक गतिविधि करने वाले व्यक्तियों में हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा, उच्च रक्तचाप एवं मानसिक तनाव जैसी दीर्घकालिक बीमारियों की संभावना कम होती है, जिसके परिणामस्वरूप उनकी जीवन प्रत्याशा में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। शोध के निष्कर्ष यह दर्शाते हैं कि शारीरिक गतिविधि न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाती है, बल्कि मानसिक संतुलन, सामाजिक सहभागिता तथा कार्यक्षमता में भी वृद्धि करती है। विभिन्न आयु वर्गों में शारीरिक गतिविधि का प्रभाव भिन्न-भिन्न रूपों में दृष्टिगोचर होता है, किंतु सभी आयु समूहों में इसका सकारात्मक योगदान निर्विवाद है। अतः यह अध्ययन इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली को अपनाकर जीवन प्रत्याशा में वृद्धि संभव है तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों में शारीरिक गतिविधि को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रमुख शब्द- शारीरिक गतिविधि, जीवन प्रत्याशा, स्वास्थ्य, दीर्घायु, जीवनशैली, व्यायाम, कार्डियोवास्कुलर स्वास्थ्य

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Published

31-05-2025

How to Cite

डॉ0 राकेश कुमार तिवारी. (2025). नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य का संबंध. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 4(5), 174–185. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/1024

Issue

Section

Research Paper