वर्तमान दौर में भारत अमेरिका सम्बन्ध

Authors

  • डॉ0 प्रियंका त्रिपाठी

Abstract

वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत अमेरिका सम्बन्ध रणनीतिक, आर्थिक, राजनीतिक तथा तकनीकी दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हो गए हैं। शीत युद्ध के बाद दोनों देशों के रिश्तों में निरंतर परिवर्तन और गहराई आई है। 21वीं सदी में भारत एक उभरती वैश्विक शक्ति के रूप में सामने आया है, जबकि अमेरिका विश्व की अग्रणी महाशक्ति बना हुआ है। साझा लोकतांत्रिक मूल्य, आतंकवाद के विरुद्ध सहयोग, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, रक्षा सहयोग, व्यापार निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा दी है। हालाँकि, व्यापार असंतुलन, वीज़ा नीति, मानवाधिकार, और रणनीतिक स्वायत्तता जैसे मुद्दे दोनों देशों के संबंधों में चुनौतियाँ भी प्रस्तुत करते हैं। इसके बावजूद, समकालीन वैश्विक चुनौतियों के समाधान हेतु भारत अमेरिका साझेदारी भविष्य में और अधिक सुदृढ़ होने की संभावना रखती है। यह अध्ययन वर्तमान दौर में भारत अमेरिका संबंधों के प्रमुख आयामों, अवसरों एवं चुनौतियों का विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
मुख्य शब्द- भारत अमेरिका सम्बन्ध, द्विपक्षीय सहयोग, रणनीतिक साझेदारी, इंडो-पैसिफिक, रक्षा सहयोग, व्यापार एवं निवेश, वैश्विक राजनीति, रणनीतिक स्वायत्तता

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Published

31-01-2026

How to Cite

डॉ0 प्रियंका त्रिपाठी. (2026). वर्तमान दौर में भारत अमेरिका सम्बन्ध. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 5(01), 5–10. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/1032

Issue

Section

Research Paper