विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धि एवं समायोजन क्षमता के निर्धारक तत्वः अनुभव और दृष्टिकोण की भूमिका
Abstract
प्रस्तुत अध्ययन ‘विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धि एवं समायोजन क्षमता के निर्धारक तत्त्वः अनुभव और दृष्टिकोण की भूमिका’ विषय पर केंद्रित है। इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि विद्यार्थियों के व्यक्तिगत, शैक्षिक तथा सामाजिक अनुभव तथा उनके दृष्टिकोण किस प्रकार उनकी शैक्षिक उपलब्धि और समायोजन क्षमता को प्रभावित करते हैं। शैक्षिक उपलब्धि केवल बौद्धिक क्षमता का परिणाम नहीं होती, बल्कि सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण, विद्यालयी वातावरण, शिक्षक-विद्यार्थी संबंध, पारिवारिक सहयोग तथा पूर्व शैक्षिक अनुभव भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी प्रकार समायोजन क्षमता विद्यार्थियों की भावनात्मक परिपक्वता, सामाजिक अनुभव, आत्म-धारणा और समस्या-समाधान दृष्टिकोण से प्रभावित होती है। इस अध्ययन में यह मान्यता रखी गई है कि जिन विद्यार्थियों के अनुभव समृद्ध एवं सकारात्मक होते हैं तथा जिनका दृष्टिकोण आशावादी और लक्ष्य-उन्मुख होता है, वे न केवल शैक्षिक क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हैं बल्कि विद्यालय एवं समाज में भी बेहतर समायोजन प्रदर्शित करते हैं। इसके विपरीत नकारात्मक अनुभव और निराशावादी दृष्टिकोण विद्यार्थियों की उपलब्धि एवं समायोजन दोनों को प्रभावित कर सकते हैं। यह अध्ययन शिक्षकों, अभिभावकों और शैक्षिक प्रशासकों को यह समझने में सहायक होगा कि विद्यार्थियों के अनुभवों को समृद्ध बनाकर तथा सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित कर उनके समग्र शैक्षिक और सामाजिक विकास को कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है।
मुख्य शब्दः शैक्षिक उपलब्धि, समायोजन क्षमता, अनुभव, दृष्टिकोण एवं विद्यार्थी का विकास।
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