भारतीय ज्ञान परंपरा की आधुनिक समाज में प्रासंगिकता

Authors

  • डॉ० रंजना सिह

Abstract

हमारा देश सांस्कृतिक रूप से एक समृद्धशाली देश रहा है। इसके सांस्कृतिक विकास के पथ निर्माण का कार्य हमारी ज्ञान परंपरा करती रही है। भारत की ज्ञान परंपरा हजारों वर्ष पुरानी है। यह ज्ञान परंपरा केवल अतीत की स्मृति ही नहीं, अपितु आज के समाज के लिए एक जीवंत और मार्गदर्शक विचारधारा हैस आज आधुनिक समाज में जहां तकनीकी प्रगति तीव्र गति सी हो रही है, वहीं नैतिकता, जीवन मूल्य, पर्यावरण संतुलन और मानसिक शांति जैसी अनेकों समस्याएं उत्पन्न होती जा रही है। ऐसे समय में प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा के सिद्धांत आज भी मानवता को दिशा प्रदान कर सकते हैं। यह शोध पत्र इसी दष्टि से भारतीय ज्ञान परंपरा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उसके प्रमुख तत्वों तथा आधुनिक समाज में उसकी प्रासंगिकता का अध्ययन प्रस्तुत करता है।
शब्दकुंजीः आयुर्वेद, शिक्षा, नैतिकता, योग, आधुनिक समाज भारतीय ज्ञान परंपरा, कर्मकांड, वैदिक ज्ञान।

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Published

31-08-2025

How to Cite

डॉ० रंजना सिह. (2025). भारतीय ज्ञान परंपरा की आधुनिक समाज में प्रासंगिकता. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 4(08), 212–216. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/1044

Issue

Section

Research Paper