शैक्षिक प्रौद्योगिकी और शोध
Abstract
शैक्षिक प्रौद्योगिकी आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का एक अनिवार्य अंग बन चुकी है। यह केवल तकनीकी उपकरणों के उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, सहभागितापूर्ण एवं परिणामोन्मुख बनाने की एक वैज्ञानिक पद्धति है। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, ई-लर्निंग, स्मार्ट कक्षाएँ, डिजिटल कंटेंट, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, और लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम जैसे माध्यमों ने शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और समावेशिता को नई दिशा प्रदान की है। शैक्षिक अनुसंधान के क्षेत्र में भी प्रौद्योगिकी ने डेटा संग्रह, विश्लेषण, मूल्यांकन और प्रस्तुतीकरण की प्रक्रियाओं को अधिक सटीक, त्वरित और विश्वसनीय बनाया है। ऑनलाइन सर्वेक्षण, डिजिटल डाटाबेस, सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर तथा वर्चुअल प्रयोगशालाएँ शोध को अधिक व्यवस्थित और प्रमाणिक बनाती हैं। यह अध्ययन शैक्षिक प्रौद्योगिकी की अवधारणा, उसके प्रकार, शोध में उसकी भूमिका तथा समकालीन शिक्षा प्रणाली में उसकी प्रासंगिकता का विश्लेषण करता है। साथ ही, इसके समक्ष उपस्थित चुनौतियों जैसे डिजिटल विभाजन, तकनीकी संसाधनों की असमान उपलब्धता और प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी का भी विवेचन किया गया है। निष्कर्षतः, शैक्षिक प्रौद्योगिकी और शोध का समन्वय शिक्षा को अधिक नवाचारी, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्य शब्द- शैक्षिक प्रौद्योगिकी, शैक्षिक अनुसंधान, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, ई-लर्निंग, डिजिटल शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, डेटा विश्लेषण, नवाचार, गुणवत्ता शिक्षा
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