डिजिटल स्वास्थ्यः चुनौतियां और अवसर

Authors

  • डॉ0 मोनिका गौतम

Abstract

वर्तमान युग सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (प्ब्ज्) का युग है। इस तकनीकी क्रांति ने मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में परिवर्तन लाया है, और स्वास्थ्य क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहा। “डिजिटल स्वास्थ्य” आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और तकनीकी नवाचारों के संगम का परिणाम है, जो स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती, पारदर्शी और कुशल बनाता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (।प्), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (प्वज्), बिग डेटा एनालिटिक्स, टेलीमेडिसिन और मोबाइल हेल्थ जैसे उपकरणों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में नई संभावनाओं का द्वार खोला है। किन्तु इन प्रगतियों के साथ डेटा गोपनीयता, डिजिटल असमानता, तकनीकी साक्षरता, साइबर सुरक्षा और कानूनी ढांचे जैसी अनेक चुनौतियाँ भी उभरकर सामने आई हैं। यह शोध पत्र डिजिटल स्वास्थ्य के विकास, उसकी उपयोगिता, अवसरों, नीतिगत ढाँचों और भारत में इसके समक्ष मौजूद प्रमुख चुनौतियों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
मुख्य शब्द (ज्ञमलूवतके)ः डिजिटल स्वास्थ्य, टेलीमेडिसिन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बिग डेटा, ई-हेल्थ, स्वास्थ्य नीति, साइबर सुरक्षा, डिजिटलीकरण

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Published

31-03-2026

How to Cite

डॉ0 मोनिका गौतम. (2026). डिजिटल स्वास्थ्यः चुनौतियां और अवसर. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 5(03), 72–77. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/1091

Issue

Section

Research Paper