पूर्वांचल में डेयरी पशु स्वास्थ्य समस्याओं का एक भौगोलिक अध्ययन
Abstract
भारत की अर्थव्यवस्था में पशुपालन का महत्वपूर्ण स्थान है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में यह कृषि के पूरक के रूप में आजीविका का प्रमुख स्रोत है। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में डेयरी पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग है, परंतु पशु स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ इस क्षेत्र के डेयरी उद्योग के विकास में प्रमुख बाधा बन रही हैं। इस शोध-पत्र में पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में डेयरी पशुओं की स्वास्थ्य समस्याओं का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से ज्ञात होता है कि यहाँ के पशुओं को मुख्यतः संक्रामक रोग (जैसे खुरपका-मुंहपका, गलघोंटू, ब्रुसेलोसिस), परजीवी रोग, पोषण की कमी, एवं स्वच्छता की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सरकारी पशु चिकित्सा सेवाओं की सीमित पहुँच, प्रशिक्षण की कमी, एवं पारंपरिक पद्धतियों पर अत्यधिक निर्भरता इन समस्याओं को और बढ़ा देती है। अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि यदि पशु स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, पशुपालकों को वैज्ञानिक जानकारी का प्रसार, एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए तो पूर्वांचल का डेयरी क्षेत्र उल्लेखनीय प्रगति कर सकता है।
मुख्य शब्दः डेयरी-पशु स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा सेवाएँ, पशुधन प्रबंधन, पशु-पोषण, रोग नियंत्रण कार्यक्रम।
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