भारत-नेपाल द्विपक्षीय संबंध: सीमा प्रबंधन के विषेष संदर्भ में
Abstract
भारत-नेपाल संबध सदियों पुराने सामाजिक-सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और भौगोलिक संबधों से बने हैं। भारत-नेपाल के मध्य शानदार द्विपक्षीय संबध रहे हैं जो एक-दूसरे के साथ राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक तथा आर्थिक संबधो में परिलक्षित होता है। मित्रता और सहयोग के रिश्तों की विशेषता दोनों देशों के मध्य लगभग 1751 कि0मी की लंबी खुली सीमा रेखा है। दोनों देशों के नागरिक बिना किसी प्रतिबंध के किसी भी स्थान से सीमा पार करके एक-दूसरे देश में निर्बाध आवाजाही कर सकते है जिसके लाभ के कारण ही गहरी रिश्तेदारी और गहन सांस्कृतिक संबध विकसित हुए हैं। इस प्रकार भारत व नेपाल के मध्य खुली सीमा दोनों देशों के मध्य बेहतर सम्बन्धों का घोतक है। परन्तु इसरी ओर यह मुक्त सीमा भारत के समक्ष अनेक सुरक्षा चुनौतियाँँ भी उत्पन्न कर रही है। इन सुरक्षा चुनौतियों में सीमा विवाद, आई0एस0आई0 की बढ़ती गतिविधियाँँ, पाक प्रायोजित आतंकवाद, नक्सलवाद, माओवाद, मानव तस्करी, जाली नोटों की तस्करी, अवैध हथियारों की तस्करी, इत्यादि समस्याँँए है। इन समस्याओं के कारण भारत की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो रहा है और दोनो देशों के संबधों में कटुता उत्पन्न हुई है। अतः दोनों देशों के द्वारा उचित सीमा प्रबन्धन की आवश्यकता है। ऐतिहासिक शिकायतों को दूर करके, आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देकर तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान अपनाकर दोनों देशों के पास एक जीवंत और सामंजस्यपूर्ण संबध का मार्ग प्रशस्त करने का अवसर है जो साझा मूल्यों पर आधारित रहते हुए समय की भावना को दर्शाता है।
मुख्य शब्द- सीमा प्रबंधन, सीमा चौकियाँँ, राष्ट्रªीय सुरक्षा, सशस्त्र सुरक्षा बल, सन्धियाँँ
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