जलवायु परिवर्तन और हरित ऊर्जा
Abstract
विश्व में जलवायु परिवर्तन 21वीं सदी की सबसे बड़ी पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक चुनौती बन चुका है। वैश्विक तापमान में वृद्धि, समुद्र-स्तर का बढ़ना, चरम मौसमी घटनाएँ और पारिस्थितिक असंतुलन आज मानव जीवन के हर पहलू को प्रभावित कर रहे हैं। इसके समाधान के रूप में हरित ऊर्जा एक नई आशा के रूप में उभरी है। यह शोध-पत्र परिवर्तनशील जलवायु और हरित ऊर्जा के परस्पर संबंध, वर्तमान वैश्विक प्रयासों, भारत की नीतियों और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इसमें यह भी विवेचन किया गया है कि किस प्रकार समाज, सरकार और व्यक्ति के स्तर पर हरित ऊर्जा को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को सुनिश्चित किया जा सकता है।
मुख्य शब्द- जलवायु, पर्यावरणीय, वैश्विक तापमान, हरित ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, सतत् विकास।
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