उत्तराखण्ड के उजड़ते गावों का पर्यटन पर प्रभाव- नैनीताल जिलें के रामगढ़ स्थित रिया गांव (बहराकोट) का एक अध्ययन

Authors

  • डा0 बीना जोशी

Abstract

उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में गांवों का तेजी से उजड़ना एक गंभीर सामाजिक-आर्थिक समस्या बनकर उभरा है, जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव स्थानीय पर्यटन पर भी पड़ रहा है। प्रस्तुत अध्ययन नैनीताल जिले के रामगढ़ क्षेत्र स्थित रिया गांव (बहराकोट) के संदर्भ में इस समस्या का विश्लेषण करता है। अध्ययन का उद्देश्य यह समझना है कि किस प्रकार रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीण आबादी का पलायन हो रहा है और इसके परिणामस्वरूप गांवों की सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना कमजोर हो रही है। यह शोध गुणात्मक एवं मात्रात्मक दोनों विधियों पर आधारित है, जिसमें क्षेत्रीय सर्वेक्षण, साक्षात्कार एवं प्रेक्षण को प्रमुख साधन के रूप में अपनाया गया है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि गांवों के उजड़ने से पारंपरिक जीवनशैली, स्थानीय संस्कृति एवं प्राकृतिक सौंदर्य का संरक्षण प्रभावित होता है, जिससे पर्यटन की संभावनाएं भी सीमित हो जाती हैं। साथ ही, खाली होते गांव पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने के बजाय उपेक्षा और अव्यवस्था का प्रतीक बनते जा रहे हैं। अध्ययन यह भी दर्शाता है कि यदि स्थानीय संसाधनों का समुचित उपयोग, रोजगार सृजन एवं पर्यटन-आधारित विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, तो न केवल पलायन को रोका जा सकता है, बल्कि ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। अतः यह आवश्यक है कि सरकार एवं स्थानीय समुदाय मिलकर टिकाऊ विकास की दिशा में ठोस कदम उठाएं।
कुंजी शब्द- ग्रामीण पलायन, उजड़ते गांव, पर्यटन विकास, नैनीताल जिला, रामगढ़ क्षेत्र, सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन, ग्रामीण पर्यटन, सतत विकास

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Published

28-02-2026

How to Cite

डा0 बीना जोशी. (2026). उत्तराखण्ड के उजड़ते गावों का पर्यटन पर प्रभाव- नैनीताल जिलें के रामगढ़ स्थित रिया गांव (बहराकोट) का एक अध्ययन. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 5(02), 209–216. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/1136

Issue

Section

Research Paper