एक राष्ट्र एक चुनाव: विकसित भारत में एक अहम भूमिका

Authors

  • निशा मौर्या

Abstract

भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक देश है। जहां हर नागरिक की आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक स्वतंत्रता का ध्यान रखा जाता है। निर्वाचन प्रक्रिया लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया एवं जनप्रतिनिधियों को चुनने का एक शांतिपूर्ण और कुशल तरीका है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 से 329 में निर्वाचन आयोग का प्रावधान किया गया है। चुनाव के माध्यम से जनता विधायिका के विभिन्न पदों पर आसीन होने के लिये प्रतिनिधियों का चुनाव करती है। जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि जनता के हितों की पूर्ति हेतु अपनी भूमिका निभाते हैं। चुनाव के द्वारा क्षेत्रीय एवं स्थानीय निकायों के लिये भी प्रतिनिधियों का चुनाव होता है। एक राष्ट्र एक चुनाव का तात्पर्य है सम्पूर्ण भारत में एक साथ लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों को सम्पन्न कराना। इस व्यवस्था से न केवल समय, धन और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि शासन-प्रशासन की जवाबदेहिता में निरंतरता भी बनी रहेगी। इसका उद्देश्य देश मे हो रहे बार-बार चुनावों से होने वाले प्रशासनिक व्यवधानों को रोकना एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है। विकसित भारत भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण है, जिसका लक्ष्य 2047 तक भारत की स्वतंत्रता के 100वें वर्ष पर भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। इसमें आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, पर्यावरणीय स्थिरता और सुशासन जैसे कई पहलू शामिल किए गए हैं। एक राष्ट्र एक चुनाव भारत को विकसित भारत बनाने के लिए भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के सभी नागरिकों एवं विशेषतः युवाओं को इस प्रक्रिया में शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया है। यह शोधपत्र इस विषय के विभिन्न पहलुओं जैसे आर्थिक, प्रशासनिक, राजनीतिक और सामाजिक प्रभावों का विश्लेषण करता है, और यह दर्शाता है कि विकसित भारत के निर्माण में एक राष्ट्र एक चुनाव की यह नीति किस प्रकार एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मुख्य शब्दरू एक राष्ट्र एक चुनाव , विकसित भारत , निर्वाचन प्रणाली, जनप्रतिनिधि, लोकसभा , राज्य विधानसभा

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Published

28-02-2026

How to Cite

निशा मौर्या. (2026). एक राष्ट्र एक चुनाव: विकसित भारत में एक अहम भूमिका. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 5(02), 239–245. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/1141

Issue

Section

Research Paper