From Strategic Ambiguity to Competitive Confrontation: The Transformation of India–China Relations in the Post-Galwan Era

Authors

  • Shrikant Patel

Abstract

यह शोध पत्र विकसित भारत / 2047 के लिए प्रयासरत लैंगिक समानता एवं सशक्तिकरण पर केंद्रित है। भारतीय समाज कई भागों में बँटा हुआ है-जाति, वर्ग, लिंग आदि जिनमें काफी असमानता पाई जाती है। भारत में लैंगिक समानता एवं सशक्तिकरण का प्रयास संघर्षों से भरा हुआ लेकिन आशापूर्ण है भारत में लैंगिक समानता को सुनिश्चित करने के लिए अनेक कठोर कदम उठाए गए हैं तथा इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शिक्षक समाज को आगे बढ़ना होगा एवं परिवर्तित भूमिका निभानी होगी क्योंकि शिक्षक ही विद्यार्थियों के रोल मॉडल होते हैं महिला सशक्तिकरण की पहल वर्तमान एवं भविष्य में व्यापक आर्थिक एवं सामाजिक विकास और विकसित भारत का एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक हो सकती है बिना इस लक्ष्य को प्राप्त किये विकसित भारत की कल्पना नहीं की जा सकती भारत में व्याप्त पितात्त्मक सोच को समाप्त करने तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देकर ही लैंगिक समानता जैसे महत्वपूर्ण मानवाधिकार को लागू किया जा सकता है जो नितांत आवश्यक है।
कुंजी शब्द- सशक्तिकरण, महिलाओं की भागीदारी, लैंगिक समानता, विकसित भारत /2047, मूल अधिकार

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Published

30-04-2026

How to Cite

Shrikant Patel. (2026). From Strategic Ambiguity to Competitive Confrontation: The Transformation of India–China Relations in the Post-Galwan Era . Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 5(04), 18–29. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/1178

Issue

Section

Research Paper