बालश्रम के कारण एवं दुष्परिणाम संवैधानिक व कानूनी प्रावधानों के सन्दर्भ में

Authors

  • विनोद कश्यप

Abstract

बच्चे भविष्य के नागरिक होते हैं, लेकिन वे मानसिक और शारीरिक रूप से अपनी रक्षा नहीं कर सकते। समाज में कई बच्चे गरीबी और अशिक्षा के कारण अनाथ और आवारा हो जाते हैं, जिससे बालश्रम की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है। बालश्रम तब होता है जब बच्चे काम करने के लिए मजबूर होते हैं, ज्यादातर समाज की असमानता के कारण। बालश्रम के पीछे मुख्य कारण हैंः बढ़ती जनसंख्या, आर्थिक संसाधनों की कमी, अशिक्षा और बेरोजगारी। गरीब परिवारों में बच्चों को काम करने पर मजबूर होना पड़ता है, जिससे उनका बचपन भुला दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, बच्चों को काम पर रखना आसान होता है, और सरकार तथा सामाजिक संगठनों की उदासीनता इस समस्या को और बढ़ाती है। बाल श्रमिकों को शारीरिक और भावनात्मक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है, और उनका स्वास्थ्य खराब होता है। बच्चे भारी काम करते हैं, जिससे उनकी शिक्षा का महत्व खत्म होता है। भारतीय संविधान में बच्चों के अधिकारों का संरक्षण किया गया है, लेकिन कई प्रावधानों का पालन नहीं होता। बालश्रम को खत्म करने के लिए जागरूकता बढ़ाने और सरकारी प्रयासों की जरुरत है। बच्चों का सही विकास देश के भविष्य के लिए बहुत जरूरी है।
मुख्य शब्द - बालश्रम, बाल मजदूरी, गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी, संवैधानिक प्रावधान।

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Published

31-10-2025

How to Cite

विनोद कश्यप. (2025). बालश्रम के कारण एवं दुष्परिणाम संवैधानिक व कानूनी प्रावधानों के सन्दर्भ में. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 4(10), 106–110. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/1189

Issue

Section

Research Paper