भारत में कृषि विपणनः सुधारो के परिप्रेक्ष्य और किसानो की आय दुगनी करना
Abstract
कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है तथा विगत चार दशकों में इसमें शानदार प्रगति हुई है। मानसून की निषिदताओं तथा सूखी भूमि के बावजूद भी हम देश में लगभग 350 मिलियन टन से भी अधिक खाद्यान्न तथा फल एवं सब्जियां उत्पन्न कर रहे हैं तथा वर्ष पर्यन्त कृषि उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति की है,लेकिन खेद का विषय यह है कि हमारा कृषि उत्पादन विपणन आधारिक संरचना से नहीं जुड़ पाया है जो इस बिषय पर अपर्याप्त है। कृषि विपणन के क्षेत्र में घरेलू तथा बाहरी देशों से उभरती हुई प्रवृत्तियों के संदर्भ में विपणन प्रशासन तथा आयोजकों को कृषि विपणन आधार संरचना के विकास के लिए गंभीर चिंतन करना होगा। हमारी विपणन संरचना में बुनियादी कमियों को पहचानने इन कमियों को पूरा करने के लिए उपयुक्त रणनीति बनाने की तत्काल आवश्यकता है।
कीवर्ड- भारतीय अर्थव्यवस्था, कृषि विपणन, कृषि सुधार, किसानो की आय, खाद्यान्न
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