एम.एस.एम.ई. सेक्टर में हरित प्रौद्योगिकी का विकासरू इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के संदर्भ में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
https://doi.org/10.5281/zenodo.20555913
Abstract
वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में औद्योगिकीकरण और आर्थिक विकास ने जहाँ मानव जीवन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है, वहीं इसके परिणामस्वरूप पर्यावरणीय असंतुलन, जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण तथा ऊर्जा संसाधनों की कमी जैसी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हुई हैं। जीवाश्म ईंधनों पर अत्यधिक निर्भरता ने न केवल प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण को तेज किया है, बल्कि वैश्विक तापवृद्धि और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। इन परिस्थितियों में हरित प्रौद्योगिकी का विकास न केवल एक विकल्प, बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। हरित प्रौद्योगिकी का मूल उद्देश्य पर्यावरणीय प्रभावों को न्यूनतम करते हुए सतत विकास को सुनिश्चित करना है। इस तकनीक के अंतर्गत ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण तथा संसाधनों के संरक्षण जैसे पहलुओं को समाहित किया जाता है। इसी क्रम में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग एक क्रांतिकारी परिवर्तन के रूप में उभरा है, जो पारंपरिक पेट्रोल एवं डीजल आधारित परिवहन प्रणाली के स्थान पर स्वच्छ, टिकाऊ और ऊर्जा-कुशल विकल्प प्रदान करता है।
मुख्य शब्द- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, हरित प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रिक वाहन, सतत विकास, बैटरी तकनीक, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, नवाचार, स्थानीयकरण, सर्कुलर इकोनॉमी, ऊर्जा दक्षता, कार्बन उत्सर्जन, नवीकरणीय ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखला, औद्योगिक विकास, आत्मनिर्भर भारत, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, हरित औद्योगिकीकरण, हरित प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रिक वाहन, सतत विकास, बैटरी तकनीक, भारत
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