महिला शिक्षा के क्षेत्र में पंडिता रमाबाई का योगदान

DOI- https://doi.org/10.5281/zenodo.21104369

Authors

  • रिद्धिमा यादव, डॉ0 निशा राठौर

Abstract

उन्नीसवीं शताब्दी का भारतीय समाज अनेक सामाजिक कुरीतियों, लैंगिक असमानताओं तथा महिलाओं की शिक्षा के प्रति रूढ़िवादी दृष्टिकोण से प्रभावित था। ऐसे समय में पंडिता रमाबाई सरस्वती 1858-1922 ने महिला शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देकर भारतीय समाज में व्यापक परिवर्तन की आधारशिला रखी। प्रस्तुत शोध.पत्र का उद्देश्य महिला शिक्षा के विकास में पंडिता रमाबाई की भूमिका का ऐतिहासिक विश्लेषण करना है। रमाबाई ने यह अनुभव किया कि महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक एवं बौद्धिक उन्नति का प्रमुख साधन शिक्षा है। उन्होंने न केवल स्त्री शिक्षा के महत्व पर बल दियाए बल्कि इसके प्रसार हेतु अनेक संस्थाओं की स्थापना भी की।
पंडिता रमाबाई ने 1882 में भारतीय शिक्षा आयोग हंटर आयोग के समक्ष महिलाओं की शिक्षा की दयनीय स्थिति को रेखांकित किया तथा महिला शिक्षिकाओं और महिला चिकित्सकों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने 1889 में बंबई में शारदा सदन की स्थापना की, जिसका उद्देश्य विशेष रूप से बाल.विधवाओं और परित्यक्त महिलाओं को शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता प्रदान करना था। इसके अतिरिक्त, पुणे के निकट स्थापित मुक्ति मिशन् के माध्यम से उन्होंने महिलाओं के लिए शैक्षिक व्यावसायिक तथा नैतिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की। उनके प्रयासों ने महिला शिक्षा को सामाजिक सुधार आंदोलन से जोड़ते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त किया।
अध्ययन से स्पष्ट होता है कि पंडिता रमाबाई का योगदान केवल शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना तक सीमित नहीं था। बल्कि उन्होंने महिलाओं के अधिकार, आत्मसम्मान और स्वतंत्र अस्तित्व की चेतना को भी विकसित किया। इस प्रकार वे आधुनिक भारत में महिला शिक्षा आंदोलन की अग्रणी एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व के रूप में स्थापित होती हैं।
प्रमुख शब्द- पंडिता रमाबाई सरस्वती, महिला शिक्षा, शारदा सदन, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुधार आंदोलन

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Published

30-06-2026

How to Cite

रिद्धिमा यादव, डॉ0 निशा राठौर. (2026). महिला शिक्षा के क्षेत्र में पंडिता रमाबाई का योगदान: DOI- https://doi.org/10.5281/zenodo.21104369. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 5(06), 54–62. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/1249

Issue

Section

Research Paper