स्वतंत्रता संग्राम में शिक्षकों की सहभागिता

Authors

  • डॉ0 (श्रीमती) सरोज गोस्वामी

Abstract

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शिक्षकों ने केवल शिक्षा प्रदान करने तक अपनी भूमिका सीमित नहीं रखी, बल्कि राष्ट्रीय चेतना, स्वदेशी भावना और देशभक्ति का व्यापक प्रसार किया। उन्होंने विद्यार्थियों एवं समाज को औपनिवेशक शासन के विरूद्व जागरूक किया तथा सत्य, अहिंसा, स्वावलंबन और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को सुदृढ़ किया। अनेक शिक्षकों ने स्वतंत्रता आन्दोलन में प्रत्यक्ष भाग लेकर त्याग और बलिदान का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम तथा राष्ट्र निर्माण के इतिहास में सदैव प्रेरणास्त्रोत रहेगा।
मुख्य शब्दः स्वतंत्रता संग्राम, शिक्षक, राष्ट्रीय चेतना, जनजागरण, स्वदेशी आन्दोलन, राष्ट्रवाद, शिक्षा, राष्ट्र निर्माण।

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Published

28-02-2026

How to Cite

डॉ0 (श्रीमती) सरोज गोस्वामी. (2026). स्वतंत्रता संग्राम में शिक्षकों की सहभागिता. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 5(02), 250–253. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/1253

Issue

Section

Research Paper