डॉ0 लोहिया का लोकतन्त्र एवं लोकहित सम्बन्धी विचार
Abstract
डॉ0 राममनोहर लोहिया राजनैतिक चिन्तन एवं लोकतान्त्रिक चिन्तन के प्रणेता थे, जिन्होंने अपने विचारों को जनहित में समाज के समक्ष रखे हैं। डॉ0 राम मनोहर लोहिया जनवादी राजनीतिज्ञ थे उनका जनवाद ही समाजवाद था। वे मानते थे कि समाज के बिना व्यक्ति का और व्यक्ति के बिना समाज का विकास नहीं हो सकता। दोनों परस्पराश्रित हैं। राजनीति प्रशासन को इसी महादृश्टि के लिए सक्रिय बनाती है।
मुख्य शब्द - डॉ0 राममनोहर लोहिया, राजनैतिक चिन्तन, लोकतन्त्र एवं लोकहित एवं लोकतान्त्रिक चिन्तन
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