बोधात्मक पठन, भाषा प्रवीणता और शैक्षिक उपलब्धि के मध्य सम्बंध पर विद्यार्थीयों की धारणाएः एक गुणात्मक अध्ययन
Abstract
अधिगम के क्षेत्र में बोधात्मक पठन जिसे हम पठन बोध भी कहते है एंव भाषा प्रवीणता दो ऐसे महत्वपूर्ण घटक हैं जो विद्यार्थीयों की शैक्षिक उपलब्धि को बहुत प्रभावित करते हैं। इस क्षेत्र में पूर्व में किये गये अध्ययन से इनकी महत्ता एंव इनका शिक्षा के क्षेत्र में क्या प्रभाव पड़ता है इस विषय में भी पता चलता है। इन दोनो का विद्यार्थीयों के जीवन में बहुत महत्व है। यह उनके अधिगम क्षेत्र को मजबूत बनाते एंव उनके मस्तिष्क में ज्ञानवर्धक नये विचार उत्पन्न करते हैं। इससे विद्यार्थीयों के ज्ञान में वृद्धि होती है एंव बोध का स्तर उच्च होता है जिससे उन्हें अपनें अध्ययन कार्य में मदद मिलती है। यह अध्ययन विद्यार्थीयों के बोधात्मक पठन भाषा प्रवीणता और शैक्षिक उपलब्धि के मध्य सम्बंध पर उनकी क्या धारणाएः है इसकी व्याख्या करता है कि भाषा केवल संचार का माध्यम नही है बल्कि यह सोचने समझने और सीखनें की प्रक्रिया का आधार भी है। इस अध्ययन का उद्देश्य विद्यार्थीयों के दृष्टिकोण से यह जनना है कि उनका बोधात्मक पठन एंव भाषा प्रवीणता किस प्रकार उनके शैक्षिक प्रदर्शन को प्रभावित करते है। नमूनें के तौर पर इस अध्ययन में कानपुर नगर के कक्षा-6 से कक्षा- 10 तक के 30 विद्यार्थीयों का चयन किया गया जिन पर स्वः निर्मित उपकरण से परीक्षण किया गया है। इस अध्ययन में साक्षात्कार फोकस समूह चर्चा एंव विषयगत विश्लेषण के माध्यम से प्रदत का संकलन किया गया है। इसमें विद्यार्थीयों के साथ-साथ 10 शिक्षकों एंव 10 अभिभावकों के विचार भी एकत्र किये गये है जिससे विद्यार्थीयों पर इन घटकों के प्रभाव का पता लगाया जा सके।
मुख्य शब्दः- बोधात्मक पठन, भाषा प्रवीणता, शैक्षिक उपलब्धि, धारणाएँ, गुणात्मक अध्ययन, विद्यार्थी
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