गांधी का एकादश व्रत एवं अरविन्द का समग्र योगः एक दृष्टिपात

Authors

  • अजय कुमार

Abstract

महात्मा गांधी का एकादश व्रत और श्री अरविन्द का समग्र योग दोनों ही भारतीय दार्शनिक परंपरा के महत्त्वपूर्ण आयाम हैं जो मानव जीवन को नैतिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक स्तर पर उन्नत करने का प्रयास करते हैं। गांधी का व्रत आत्मानुशासन एवं सामाजिक न्याय पर आधारित है जबकि अरविन्द का योग चेतना के समग्र विकास एवं दिव्य परिवर्तन पर केंद्रित है। यह शोध पत्र इन दोनों की व्याख्या, समानताओं एवं भिन्नताओं पर एक दृष्टिपात प्रस्तुत करता है और स्पष्ट करता है कि दोनों ही विचारधाराएं मानवता की उन्नति एवं चहुमुखी विकास के लिए प्रासंगिक हैं जिन्हें समझकर और अपनाकर मानव सही मायने में मानव बनने की तरफ मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
कूट शब्द- गांधी, अरविन्द, एकादश व्रत, समग्र योग, आत्मानुशासन, सामाजिक न्याय, चेतना, समग्र विकास एवं दिव्य परिवर्तन।

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Published

31-10-2025

How to Cite

अजय कुमार. (2025). गांधी का एकादश व्रत एवं अरविन्द का समग्र योगः एक दृष्टिपात. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 4(10), 36–43. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/999

Issue

Section

Research Paper