नियमित योगाभ्यास का मोटापा नियंत्रण एवं शारीरिक फिटनेस पर प्रभाव
Abstract
मोटापा और शारीरिक फिटनेस आज के समय में वैश्विक स्वास्थ्य की सबसे गंभीर चुनौतियों में से हैं। असंतुलित आहार, शारीरिक गतिविधियों की कमी और तनावपूर्ण जीवनशैली के कारण मोटापा तेजी से बढ़ रहा है, जो हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है। योग, जो प्राचीन भारतीय परंपरा का हिस्सा है, शारीरिक, मानसिक और आत्मिक संतुलन को बनाए रखने में प्रभावी उपाय माना जाता है। इस शोध का मुख्य उद्देश्य यह अध्ययन करना है कि नियमित योगाभ्यास मोटापे के नियंत्रण और शारीरिक फिटनेस में किस हद तक सहायक है। अध्ययन में 100 प्रतिभागियों को दो समूहों में विभाजित किया गयारू योगाभ्यास करने वाले और योग न करने वाले। योग समूह को 12 सप्ताह तक दैनिक योगाभ्यास, जिसमें आसन, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार और ध्यान शामिल थे, करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। अध्ययन के दौरान ठडप्, कमर, कूल्हा अनुपात, रक्तचाप, हृदय गति और मानसिक स्वास्थ्य के स्तर का मूल्यांकन किया गया। परिणाम दर्शाते हैं कि योगाभ्यास समूह में ठडप् में औसतन 2.5 प्रतिशत कमी, पेट की चर्बी में 5-7 प्रतिशत की कमी, मानसिक तनाव और चिंता में लगभग 20 प्रतिशत कमी, तथा शारीरिक सहनशक्ति और लचीलापन में स्पष्ट सुधार देखा गया। वहीं नियंत्रण समूह में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं देखा गया। अध्ययन से यह निष्कर्ष निकलता है कि नियमित योगाभ्यास न केवल मोटापे को नियंत्रित करने में मदद करता है, बल्कि शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और जीवनशैली में सुधार लाने में भी अत्यंत प्रभावी है। इस शोध के परिणाम स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शैक्षिक संस्थानों और नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यह योगाभ्यास को जीवनशैली में शामिल करने की आवश्यकता और इसके दीर्घकालिक लाभों को प्रमाणित करता है।
मुख्य शब्द- योगाभ्यास, मोटापा नियंत्रण, शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य, जीवनशैली।
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