LGBTQ+ विमर्श और भारतीय समाज में स्वीकार्यता (एक समकालीन सामाजिक-सांस्कृतिक अध्ययन)

Authors

  • डॉ0 प्रियंका रानी

Abstract

LGBTQ$समुदाय से संबंधित विमर्श समकालीन भारतीय समाज में तीव्र गति से उभरता हुआ एक महत्त्वपूर्ण सामाजिक-सांस्कृतिक प्रश्न है। यह शोधपत्र भारतीय परंपरा, औपनिवेशिक कानूनों, आधुनिक संवैधानिक ढाँचे, साहित्य, मीडिया और सामाजिक व्यवहार के संदर्भ में LGBTQ$ समुदाय की स्वीकार्यता का विश्लेषण करता है। अध्ययन यह स्पष्ट करता है कि भारतीय समाज में स्वीकार्यता की प्रक्रिया द्वंद्वात्मक है, जहाँ एक ओर संवैधानिक और वैधानिक प्रगति दिखाई देती है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक स्तर पर पूर्वाग्रह और भेदभाव अब भी विद्यमान हैं।
मुख्य शब्द- LGBTQ$, लैंगिक पहचान, स्वीकार्यता, भारतीय समाज, सामाजिक विमर्श

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Published

31-12-2025

How to Cite

डॉ0 प्रियंका रानी. (2025). LGBTQ+ विमर्श और भारतीय समाज में स्वीकार्यता (एक समकालीन सामाजिक-सांस्कृतिक अध्ययन). Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 4(12), 71–75. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/1019

Issue

Section

Research Paper