श्रीलाल शुक्ल के व्यंग्य साहित्य का विश्लेषण

Authors

  • डॉ0 प्रियंका रानी

Abstract

श्रीलाल शुक्ल का व्यंग्य साहित्य भारतीय समाज की जटिलताओं और विरोधाभासों का सजीव चित्रण प्रस्तुत करता है। उनकी रचनाओं में ग्रामीण जीवन की सजीवता, राजनीतिक भ्रष्टाचार की आलोचना, और सामाजिक ढांचे की परतों का विश्लेषण मिलता है। राग दरबारी जैसे उपन्यास में उन्होंने शिक्षा, प्रशासन, और समाज के अन्य पहलुओं की विसंगतियों को व्यंग्यात्मक शैली में प्रस्तुत किया है। उनकी भाषा शैली में देशज मुहावरों और लोकप्रचलित शब्दों का प्रयोग उनकी रचनाओं को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। यह शोधपत्र उनके व्यंग्य साहित्य की विशेषताओं, भाषा शैली, और सामाजिक संदर्भों का विश्लेषण करता है।
कीवर्ड्स- श्रीलाल शुक्ल, व्यंग्य साहित्य, राग दरबारी, ग्रामीण जीवन, राजनीतिक भ्रष्टाचार, सामाजिक विडंबना, हिंदी उपन्यास, भाषा शैली

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Published

31-08-2022

How to Cite

डॉ0 प्रियंका रानी. (2022). श्रीलाल शुक्ल के व्यंग्य साहित्य का विश्लेषण. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 1(08), 5–10. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/733

Issue

Section

Research Paper