भारत की समावेशी विकास रणनीतियाँ
Abstract
सामान्यतया समावेशी विकास का अर्थ है देश की समस्त आबादी -गरीब, महिला एवं वंचित वर्ग को विकास की प्रक्रिया में शामिल करना और सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना। दूसरे शब्दों में यह विकास के लाभों को देश के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाने का उपक्रम है। इसके अन्तर्गत आर्थिक विकास ही नहीं बल्कि सामाजिक न्याय, अवसरों की समानता, शिक्षा एवं स्वास्थ्य तक पहुँच और जीवन स्तर में सुधार के साथ पूर्ण गरिमा युक्त मानव जीवन प्रदान करने का लक्ष्य रखा जाता है। भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में विकास तभी सार्थक माना जा सकता है जबकि यह समावेशी हो। प्रस्तुत शोध पत्र भारत जैसे विविधतापूर्ण समाज वाले देश के लिए उपयोगी समावेशी विकास रणनीतियों की पड़ताल करेगा।
कीवर्ड-समावेशी, विविधतापूर्ण, टपकन, वंचित, कार्यशील, समतामूलक, नामांकन अनुपात, जीवन प्रत्याशा।
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