डिजिटल फिटनेस प्लेटफॉर्म और पारंपरिक शारीरिक शिक्षाः विद्यालयी विद्यार्थियों की शारीरिक सक्रियता पर तुलनात्मक अध्ययन

Authors

  • जुगलकिशोर

Abstract

डिजिटल प्रौद्योगिकियों के तीव्र विस्तार ने विश्व स्तर पर शैक्षिक प्रक्रियाओं और पद्धतियों को उल्लेखनीय रूप से प्रभावित किया है। शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में भी उभरते हुए डिजिटल फिटनेस प्लेटफॉर्म को पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों के साथ एकीकृत किया जा रहा है। ताकि विद्यार्थियों की सहभागिता तथा शारीरिक सक्रियता के स्तर को बढ़ाया जा सके। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य विद्यालयी विद्यार्थियों की शारीरिक सक्रियता पर डिजिटल फिटनेस प्लेटफॉर्म तथा पारंपरिक शारीरिक शिक्षा पद्धतियों के तुलनात्मक प्रभाव का परीक्षण करना है। साथ ही यह अध्ययन प्रेरणा स्तर, शारीरिक फिटनेस सूचकांक, मनोवैज्ञानिक संलग्नता तथा सामाजिक सहभागिता जैसे संबंधित आयामों का भी विश्लेषण करता है। इस अनुसंधान के लिए अर्ध-प्रायोगिक  डिज़ाइन को अपनाया गया। अध्ययन का नमूना चार सह-शिक्षा विद्यालयों से चयनित 13 से 16 वर्ष के आयु वर्ग के 150 विद्यार्थियों पर आधारित था। प्रतिभागियों को तीन समूहों में विभाजित किया गयाकृ (1) डिजिटल फिटनेस समूह, (2) पारंपरिक शारीरिक शिक्षा समूह, (3) हाइब्रिड मॉडल समूह। जिनमें प्रत्येक समूह में 50 विद्यार्थी सम्मिलित थे। हस्तक्षेप की अवधि 16 सप्ताह निर्धारित की गई। डेटा संकलन के लिए विभिन्न मानकीकृत उपकरणों का उपयोग किया गया। जिनमें शारीरिक सक्रियता सूचकांक, VO₂ Max परीक्षण, बॉडी मास इंडेक्स, लचीलापन परीक्षण, मांसपेशीय सहनशक्ति परीक्षण, खेल प्रेरणा मापनी तथा सामाजिक सहभागिता सूचकांक प्रमुख थे। प्राप्त आँकड़ों के विश्लेषण हेतु सह-प्रसरण विश्लेषण, पुनरावृत्त मापन तथा प्रभाव आकार जैसी सांख्यिकीय तकनीकों का प्रयोग किया गया। अध्ययन के परिणामों से यह स्पष्ट हुआ कि डिजिटल फिटनेस समूह में व्यक्तिगत लक्ष्य-निर्धारण तथा त्वरित प्रति पुष्टि के कारण शारीरिक सक्रियता में सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई। इसके विपरीत पारंपरिक शारीरिक शिक्षा समूह में टीमवर्क तथा सामाजिक सहयोग से संबंधित पहलुओं में अधिक सुदृढ़ता पाई गई। वहीं हाइब्रिड मॉडल समूह ने शारीरिक, मनोवैज्ञानिक तथा सामाजिक सभी आयामों में तुलनात्मक रूप से अधिक संतुलित परिणाम प्रदर्शित किए। अध्ययन के निष्कर्ष यह संकेत करते हैं कि भविष्य में विद्यालयी शारीरिक शिक्षा कार्यक्रमों को तकनीक-समर्थित तथा सामाजिक सहभागिता आधारित समन्वित मॉडल की दिशा में विकसित किया जाना चाहिए। जिससे किशोरों में दीर्घकालिक और स्थायी शारीरिक सक्रियता को प्रोत्साहित किया जा सके।
मुख्य शब्द- डिजिटल फिटनेस प्लेटफॉर्म, पारंपरिक शारीरिक शिक्षा, विद्यालय, विद्यार्थी, शारीरिक सक्रियता

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Published

31-12-2024

How to Cite

जुगलकिशोर. (2024). डिजिटल फिटनेस प्लेटफॉर्म और पारंपरिक शारीरिक शिक्षाः विद्यालयी विद्यार्थियों की शारीरिक सक्रियता पर तुलनात्मक अध्ययन. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 3(12), 288–291. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/1209

Issue

Section

Research Paper