स्कूल चयन में सामाजिक-आर्थिक प्रतिमानः भारतीय शिक्षा पर समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण की एक साहित्य-आधारित समीक्षा

DOI- https://doi.org/10.5281/zenodo.21099008

Authors

  • डॉ0 पुनीत कुमार शुक्ला

Abstract

यह शोध लेख भारत में स्कूल चयन की प्रक्रिया को संचालित करने वाले जटिल सामाजिक-आर्थिक और समाजशास्त्रीय प्रतिमानों का एक व्यापक और सूक्ष्म विश्लेषण प्रस्तुत करता है। समकालीन भारतीय समाज में, माता-पिता द्वारा अपने बच्चों के लिए शैक्षणिक संस्थान का चुनाव केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह वर्ग पहचान, सांस्कृतिक पूंजी और आर्थिक आकांक्षाओं के बीच के अंतर्संबंधों का परिणाम है। यह लेख पियरे बॉर्डियू के सांस्कृतिक पूंजी के सिद्धांत, तार्किक चयन सिद्धांत और बाजारीकरण के समाजशास्त्रीय चश्मे से सरकारी स्कूलों से निजी शैक्षणिक संस्थानों की ओर बढ़ते पलायन की समीक्षा करता है। अध्ययन यह उजागर करता है कि कैसे शिक्षा का माध्यम (विशेषकर अंग्रेजी), भौगोलिक अवस्थिति, जातिगत समीकरण और लैंगिक पूर्वाग्रह स्कूल चयन के बाजार को आकार देते हैं। अंततः, यह लेख तर्क देता है कि स्कूल चयन की बढ़ती प्रतिस्पर्धी प्रकृति भारत में शैक्षिक पृथक्करण को जन्म दे रही है, जो सामाजिक न्याय के संवैधानिक लक्ष्यों के लिए एक गंभीर चुनौती है। भारतीय परिप्रेक्ष्य में, स्कूल चयन की यह प्रक्रिया असमानता के गहरे ऐतिहासिक और सामाजिक स्तरों, जैसे जाति, वर्ग और लिंग के साथ जुड़ी हुई है। आधुनिक भारतीय समाज में, माता-पिता के पास विकल्पों की एक विस्तृत श्रृंखला है। सरकारी स्कूल, सहायता प्राप्त स्कूल, कुलीन निजी स्कूल और निम्न-लागत वाले निजी स्कूल। हालाँकि, चयन की यह स्वतंत्रता सभी के लिए समान नहीं है। जहाँ उच्च वर्ग अपनी आर्थिक पूंजी का उपयोग करके सर्वाेत्तम अवसरों को खरीदने में सक्षम है, वहीं हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए चयन अक्सर उपेक्षित सरकारी स्कूल तक ही सीमित रहता है। यह समीक्षा विश्लेषण करती है कि कैसे स्कूल चयन सामाजिक स्तरीकरण को सुदृढ़ कर रहा है। स्कूल चयन की यह प्रक्रिया केवल एक शैक्षणिक चुनाव नहीं, बल्कि भविष्य की सामाजिक स्थिति का निर्धारण है।
मुख्य शब्द- स्कूल चयन, सांस्कृतिक पूंजी, सामाजिक गतिशीलता, अंग्रेजी माध्यम, बाजारीकरण, तार्किक चयन सिद्धांत, जातिगत पृथक्करण, छाया शिक्षा, शहरीकरण, जवाबदेही।

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Published

30-06-2026

How to Cite

डॉ0 पुनीत कुमार शुक्ला. (2026). स्कूल चयन में सामाजिक-आर्थिक प्रतिमानः भारतीय शिक्षा पर समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण की एक साहित्य-आधारित समीक्षा: DOI- https://doi.org/10.5281/zenodo.21099008. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 5(06), 32–40. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/1245

Issue

Section

Research Paper