भारतीय उच्च शिक्षा में छात्राओं के नामांकन की वर्तमान स्थिति, चुनौतियां और सम्भावनाएंः एक विशलेषणात्मक समीक्षा

DOI- https://doi.org/10.5281/zenodo.21744704

Authors

  • डॉ० मालती वर्मा

Abstract

किसी भी राष्ट्र के सतत विकास, सामाजिक न्याय और आर्थिक समृद्धि की आधारशिला उसकी शिक्षा व्यवस्था होती है। उच्च शिक्षा न केवल व्यक्तिगत कौशल का विकास करती है, बल्कि समाज में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण  का सबसे प्रभावी उपकरण भी है। ऐतिहासिक रूप से भारतीय समाज में महिलाओं की उच्च शिक्षा तक पहुँच सीमित रही है, जिसका मुख्य कारण पितृसत्तात्मक सामाजिक संरचना, आर्थिक सीमाएं और सुरक्षा संबंधी चिंताएं रही हैं। हालांकि, पिछले दो दशकों में भारत सरकार के विभिन्न नीतिगत प्रयासों, जैसे- राष्ट्रीय शिक्षा नीति, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा में छात्रवृत्ति योजनाएं और सामाजिक जागरूकता के कारण उच्च शिक्षा में छात्राओं के नामांकन में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। यह शोध पत्र अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण के हालिया आंकड़ों के आलोक में छात्राओं के नामांकन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करता है।
मुख्य शब्दः- नामांकन, उच्च शिक्षा, विशलेषणात्मक, चुनौतियां, सम्भावनाएं, नीतिगत सुझाव

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Published

31-07-2026

How to Cite

डॉ० मालती वर्मा. (2026). भारतीय उच्च शिक्षा में छात्राओं के नामांकन की वर्तमान स्थिति, चुनौतियां और सम्भावनाएंः एक विशलेषणात्मक समीक्षा: DOI- https://doi.org/10.5281/zenodo.21744704. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 5(07), 32–35. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/1266

Issue

Section

Research Paper