भारत में महिला श्रमशक्ति भागीदारी: प्रवृत्तियाँ और नीतिगत सुधार 1947- 2022

Authors

  • डा0 मनोज कुमार अवस्थी

Abstract

यह शोध पत्र भारत में महिला श्रमशक्ति भागीदारी प्रवृत्तियाँ और नीतिगत सुधार 1947-2022 पर केंद्रित है, जिसमें भारतीय समाज में महिला श्रमशक्ति की स्थिति, उसकी समस्याओं, और उसके लिए किए गए नीतिगत सुधारों का विश्लेषण किया गया है। यह शोध तीन प्रमुख अवधियों में महिला श्रमशक्ति की स्थिति का अध्ययन करता है स्वतंत्रता प्राप्ति से पहले, 1947 के बाद के पहले तीन दशकों (1947-1970), 1970 से 1990 तक और 1990 से 2022 तक। इस अध्ययन में यह दर्शाया गया है कि किस प्रकार महिला श्रमशक्ति ने समाज में अपनी पहचान बनाई और नीतिगत सुधारों के माध्यम से उन्हें अधिक सम्मान और अधिकार मिले। शोध में यह भी दिखाया गया है कि महिला श्रमिकों के लिए असंगठित क्षेत्र में सुरक्षा, समान वेतन और कार्यस्थल पर भेदभाव की समस्याएँ बनी रही हैं। इस शोध का उद्देश्य महिलाओं की श्रमशक्ति की भूमिका को समझना और इस क्षेत्र में सुधार के लिए सिफारिशें प्रस्तुत करना है।
कीवर्ड्स- महिला श्रमशक्ति, श्रमशक्ति भागीदारी, नीतिगत सुधार, समान वेतन, असंगठित क्षेत्र, महिला सशक्तिकरण, कार्यस्थल पर लिंग समानता, महिला उद्यमिता, महिला शिक्षा, श्रमिक अधिकार

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Published

31-12-2022

How to Cite

डा0 मनोज कुमार अवस्थी. (2022). भारत में महिला श्रमशक्ति भागीदारी: प्रवृत्तियाँ और नीतिगत सुधार 1947- 2022. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 1(12), 108–115. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/708

Issue

Section

Research Paper