जीवनशैली और आध्यात्मिक बुद्धि का विद्यार्थियों की जीविका वरीयताओं पर प्रभावरू एक अंतर्वस्तु समीक्षा

Authors

  • नेहा श्रीवास्तव

Abstract

जीवनशैली में सुधार और आध्यात्मिक बुद्धि का विकास विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई, करियर और जीवन के उद्देश्यों के प्रति अधिक जागरूक और स्पष्ट बनाता है। दोनों का तालमेल उनके मानसिक संतुलन और निर्णय लेने की क्षमता को बेहतर करता है, जिससे वे अपने जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों को स्पष्ट रूप से और जिम्मेदारी से ले सकते हैं। शिक्षा संस्थानों को इन दोनों पहलुओं जीवनशैली और आध्यात्मिक बुद्धि पर ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और करियर को सही दिशा में ले जा सकें और समाज में सकारात्मक योगदान दे सकें। यह शोध पत्र विद्यार्थियों की जीवनशैली और आध्यात्मिक बुद्धि के बीच संबंध का विश्लेषण करता है, और यह समझने की कोशिश करता है कि ये दोनों तत्व उनके जीविका वरीयताओं को किस प्रकार प्रभावित करते हैं। अध्ययन में यह पाया गया है कि एक संतुलित जीवनशैली और आध्यात्मिक बुद्धि का विकास विद्यार्थियों के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य में सुधार करता है, जिससे वे अपने करियर विकल्पों को अधिक स्पष्ट और उद्देश्यपूर्ण तरीके से चुनने में सक्षम होते हैं। जीवनशैली में सुधार विद्यार्थियों को मानसिक शांति, आत्म-समझ और मानसिक संतुलन प्रदान करता है, जबकि आध्यात्मिक बुद्धि उन्हें नैतिक दृष्टिकोण और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना से प्रेरित करती है, जो करियर चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हाल ही के कुछ शोध जैसे लीला (2025) के शोध में शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के किशोर विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि पर इंटरनेट के उपयोग के प्रभाव का अध्ययन किया गया। हरियाणा राज्य के 960 विद्यार्थियों पर किए गए इस अध्ययन में यह पाया गया कि इंटरनेट का अत्यधिक उपयोग किशोरों की शैक्षणिक उपलब्धि एवं पर्यावरणीय जागरूकता पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। गुप्त सत्येंद्र (2024) ने माध्यमिक स्तर के छात्रों की आध्यात्मिक बुद्धि एवं शैक्षिक उपलब्धि के बीच संबंध का अध्ययन किया। उत्तर प्रदेश के 400 विद्यार्थियों पर किए गए इस शोध में यह निष्कर्ष निकला कि आध्यात्मिक बुद्धि का शैक्षिक उपलब्धि पर सकारात्मक एवं महत्त्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है, जबकि शहरी एवं ग्रामीण छात्रों में शैक्षणिक उपलब्धि को लेकर विशेष अंतर नहीं पाया गया। चौधरी अंजू (2022) के अध्ययन में राजस्थान के कॉलेज विद्यार्थियों की पारिवारिक पृष्ठभूमि, जीवनशैली एवं परिवार के प्रति दृष्टिकोण का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया। परिणामों से पता चला कि छात्र अधिक पारंपरिक जीवनशैली अपनाते हैं, जबकि अधिकांश युवा स्वतंत्र निर्णय लेना पसंद करते हैं और पारिवारिक मूल्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। इस शोध में यह विस्तृत रूप से बताया गया है कि आध्यात्मिक बुद्धि और जीवनशैली में सुधार से विद्यार्थियों में स्पष्टता, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है, जिससे वे अपने करियर निर्णयों को अधिक उद्देश्यपूर्ण और नैतिक तरीके से लेते हैं। साथ ही, यह अध्ययन शिक्षा संस्थानों को आध्यात्मिक बुद्धि और जीवनशैली सुधार कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए सुझाव देता है, ताकि विद्यार्थियों को सही और सकारात्मक करियर मार्गदर्शन मिल सके।
मुख्य शब्द- जीवनशैली, आध्यात्मिक बुद्धि, मानसिक स्वास्थ्य, करियर वरीयता

Additional Files

Published

31-10-2025

How to Cite

नेहा श्रीवास्तव. (2025). जीवनशैली और आध्यात्मिक बुद्धि का विद्यार्थियों की जीविका वरीयताओं पर प्रभावरू एक अंतर्वस्तु समीक्षा. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 4(10), 18–24. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/975

Issue

Section

Research Paper