अज्ञेय की कविताओं में आधुनिकता का बोध

Authors

  • डा0 प्रियंका रानी

Abstract

अज्ञेय (सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन) हिंदी साहित्य की आधुनिक काव्यधारा के एक प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं। उनकी कविताओं में न केवल शैलीगत नवीनता है, बल्कि एक गहरी वैचारिक आधुनिकता भी दृष्टिगोचर होती है। अज्ञेय की कविताएँ परंपरा और नवता के बीच सेतु का कार्य करती हैं, जहाँ स्वातंत्र्य चेतना, आत्मसंघर्ष, अस्तित्वबोध, अन्वेषण की भावना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नगरीय जीवन की जटिलताएँ प्रमुख रूप से प्रकट होती हैं। यह शोधपत्र अज्ञेय की कविताओं में निहित आधुनिकता के विविध पक्षों जैसे विषयवस्तु, भाषा, शैली, प्रतीकों और काव्य दृष्टि का विश्लेषण करता है।
मूलशब्द- अज्ञेय, आधुनिकता, कविता, अस्तित्वबोध, आत्मसंघर्ष, नगरीय चेतना, प्रतीकवाद, नई कविता, स्वातंत्र्य चिंतन

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Published

28-02-2022

How to Cite

डा0 प्रियंका रानी. (2022). अज्ञेय की कविताओं में आधुनिकता का बोध. Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 1(02), 7–11. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/710

Issue

Section

Research Paper

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