हिंदी सिनेमा और समाज में उसका प्रभाव
Abstract
हिंदी सिनेमा, जिसे बॉलीवुड के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय समाज की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। यह न केवल मनोरंजन का एक प्रमुख स्रोत है, बल्कि समाज में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर गहरे प्रभाव डालता है। हिंदी सिनेमा ने पिछले कुछ दशकों में न केवल अपनी शैली और तकनीकी दृष्टिकोण में परिवर्तन किया है, बल्कि सामाजिक संरचनाओं और मान्यताओं को भी चुनौती दी है। इस शोधपत्र का उद्देश्य हिंदी सिनेमा और समाज के बीच के संबंधों की पड़ताल करना है, विशेष रूप से इसके समाजिक दृष्टिकोण, आदर्शों, और सामाजिक व्यवहारों पर पड़ने वाले प्रभावों को समझना है। हिंदी सिनेमा ने समाज में लैंगिक समानता, जातिवाद, धर्म, और अन्य सामाजिक मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया है। साथ ही, फिल्में भारतीय संस्कृति, परिवार, और परंपराओं के साथ-साथ बदलते सामाजिक संदर्भों को भी दर्शाती हैं। इस शोधपत्र में हिंदी सिनेमा की उत्पत्ति, विकास, और इसके समाज में प्रभावों पर चर्चा की जाएगी।
मुख्य शब्द- हिंदी सिनेमा, समाज, बॉलीवुड, सांस्कृतिक प्रभाव, सामाजिक बदलाव, लैंगिक समानता, जातिवाद, धर्म, परिवार, भारतीय संस्कृति, फिल्म उद्योग, सामाजिक आदर्श
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