तुलसीदास जी के महाकाव्य रामचरितमानस में नारी चित्रण

Authors

  • डा0 प्रियंका रानी

Abstract

तुलसीदास कृत रामचरितमानस भारतीय संस्कृति, धर्म और सामाजिक मूल्यों का अद्वितीय ग्रंथ है। इस महाकाव्य में नारी पात्रों का चित्रण अत्यंत सूक्ष्म, भावनात्मक और वैचारिक रूप से समृद्ध है। यह शोध पत्र तुलसीदास के रामचरितमानस में वर्णित स्त्री पात्रों जैसे सीता, कौसल्या, सुमित्रा, कैकेयी, मंथरा, अरण्य कन्याएँ, और अन्य स्त्रियों के माध्यम से तत्कालीन समाज में नारी की स्थिति, भूमिका, गुण एवं उनके प्रति दृष्टिकोण का विश्लेषण करता है। साथ ही यह तुलसीदास के दृष्टिकोण को धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक संदर्भों में समझने का प्रयास करता है।
बीज शब्द - तुलसीदास, रामचरितमानस, नारी चित्रण, स्त्री विमर्श, धार्मिक साहित्य, सीता, सामाजिक संरचना, भारतीय संस्कृति

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Published

30-09-2022

How to Cite

डा0 प्रियंका रानी. (2022). तुलसीदास जी के महाकाव्य रामचरितमानस में नारी चित्रण . Ldealistic Journal of Advanced Research in Progressive Spectrums (IJARPS) eISSN– 2583-6986, 1(09), 5–9. Retrieved from https://journal.ijarps.org/index.php/IJARPS/article/view/788

Issue

Section

Research Paper

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